हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों में शुक्रवार शाम उस वक्त अचानक तनाव फैल गया, जब जडेरा पंचायत के कलियूं गांव से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई। यहां स्थित ऐतिहासिक जालपा माता मंदिर में एक मुस्लिम समुदाय के 12 वर्षीय नाबालिग लड़के ने आग लगा दी। इस चंबा मंदिर आगजनी की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जैसे ही मंदिर से धुआं उठता दिखा, ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए मौके पर दौड़ लगा दी। लोगों की तत्परता से आग पर तुरंत काबू पा लिया गया। गनीमत यह रही कि मंदिर के मुख्य ढांचे को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन माता की मूर्ति पर चढ़ाई गई पवित्र चुनरी और वस्त्र बुरी तरह झुलस गए।
अगली सुबह यानी शनिवार को जब इस घटना की भनक शहर में लगी, तो माहौल पूरी तरह से गरमा गया। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के दर्जनों कार्यकर्ता सदर थाने के बाहर इकट्ठा हो गए। इस चंबा मंदिर आगजनी को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष था। नाराज कार्यकर्ताओं ने करीब तीन घंटे तक पुलिस स्टेशन के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है। उन्होंने मांग की है कि इस कृत्य के पीछे छिपी किसी भी संभावित साजिश की गहराई से जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही जिले में चल रहे अवैध मदरसों की जांच और सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कड़ी करने का भी मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
चूंकि मामला दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ा था, इसलिए स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी। इस चंबा मंदिर आगजनी मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए नाबालिग आरोपी के परिजनों ने तुरंत कदम उठाया। उन्होंने समाज और ग्रामीणों के सामने अपनी गलती मानते हुए लिखित रूप में माफीनामा पेश किया है। परिजनों ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में उनके बच्चे से ऐसी किसी भी हरकत की पुनरावृत्ति नहीं होगी। हालांकि, लोगों का गुस्सा शांत करने और कानून का राज कायम रखने के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय निवासी और शिकायतकर्ता नागेंद्र राणा के बयानों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और नाबालिग को परिजनों सहित थाने में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
इस पूरे धार्मिक विवाद पर चंबा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय कुमार सकलानी ने भी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि चंबा मंदिर आगजनी के इस मामले में तफ्तीश का जिम्मा एएसआई संजीव कुमार को सौंप दिया गया है। पुलिस अब इस एंगल से भी गहन जांच कर रही है कि क्या यह महज एक नासमझ बच्चे की शरारत थी या फिर उसे किसी ने ऐसा करने के लिए उकसाया था। एहतियात के तौर पर कलियूं गांव और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल हालात पूरी तरह से पुलिस के नियंत्रण में हैं।
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