इस भव्य परियोजना की अनुमानित लागत 4000 करोड़ रुपये है, जिसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Yamuna Expressway Industrial Development Authority) मिलकर वहन करेंगे। UPEIDA के इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ा हिस्सा नोएडा प्राधिकरण का होगा। इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ओखला बैराज से शुरू होकर हरनंदी और यमुना के किनारे से होते हुए सीधे गौतमबुद्धनगर के घरबरा गांव के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जो जेवर एयरपोर्ट के लिए सीधी राह खोलेगा।
यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि एक आधुनिक नेटवर्क (Modern networks) होगा जिसमें तीन प्रमुख लूप बनाए जाएंगे। पहला लूप सेक्टर-168 में FNG मार्ग को जोड़ेगा, दूसरा सेक्टर-150 के पास 75 मीटर चौड़ी सड़क से संपर्क देगा, और तीसरा लूप परी चौक से कनेक्ट होगा। UPEIDA द्वारा तैयार की जा रही इस रणनीति का सबसे बड़ा फायदा यह है कि दिल्ली, हरियाणा या अन्य शहरों से आने वाले वाहन बिना नोएडा शहर के अंदर आए सीधे जेवर एयरपोर्ट की ओर निकल सकेंगे, जिससे शहर का ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों कम होंगे।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश (Krishna Karunesh) के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के बनने से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर जाने वाला ट्रैफिक बेहद सुगम हो जाएगा। आगरा और लखनऊ जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह एक वरदान साबित होगा। UPEIDA की यह दूरदर्शी योजना भविष्य में बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए तैयार की गई है, जो न केवल समय बचाएगी बल्कि निवेश और रियल एस्टेट के लिहाज से भी इस पूरे क्षेत्र की कायापलट कर देगी।
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