Social Media Guidelines Himachal || पांगी: हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर नई और सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। सरकार के संयुक्त सचिव नीरज कुमार द्वारा जारी इन आदेशों का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवा में रहते हुए अनुशासन और मर्यादा बनाए रखना है। इन नियमों की धमक अब जमीन पर दिखने लगी है। चंबा जिले के दूरदराज जनजातीय क्षेत्र पांगी में एक सरकारी शिक्षक को सोशल मीडिया पर अपनी अति-सक्रियता के चलते प्रशासन की कड़ी फटकार का सामना करना पड़ा है।
मामला राजकीय माध्यमिक पाठशाला कुठल का है जहां तैनात शिक्षक लक्मी सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने के लिए चर्चा में रहते हैं। आरोप है कि उक्त शिक्षक स्कूल के कार्य दिवसों में बच्चों को पढ़ाने के बजाय पांगी में चल रहे जुकारू उत्सव और विभिन्न मेलों में जाकर ब्लॉगिंग (Vlogging) कर रहे थे। ऐसा लगता है कि शिक्षक अपनी आय बढ़ाने के चक्कर में शिक्षण कार्य की अनदेखी कर रहे हैं। इतना ही नहीं, शिक्षक द्वारा सोशल मीडिया पर निजी टैक्सी चालकों का प्रमोशन भी किया जा रहा था, जो सरकारी सेवा नियमों का सीधा उल्लंघन है।
उक्त अध्यापक सरकारी वेतन से खुश नहीं है और सोशल मीडिया के जरिए अतिरिक्त कमाई (Earnings) करने की कोशिश में जुटे है। ड्यूटी के समय स्कूल में कंटेंट बनाना और उसे अपलोड करना अब उनके लिए मुसीबत बन गया है। एसडीएम पांगी अमनदीप सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षक को मुख्यालय किलाड़ में तलब किया। प्रशासन ने उन्हें दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और स्कूल की मर्यादा का उल्लंघन किया, तो उन्हें निलंबित करने जैसी कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
हिमाचल सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, कोई भी सरकारी कर्मचारी सार्वजनिक मंचों या सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों की आलोचना नहीं कर सकता और न ही ड्यूटी के समय निजी प्रचार के लिए इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर सकता है। कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी गतिविधियों से विभाग या सरकार की छवि धूमिल न हो। पांगी की यह कार्रवाई पूरे प्रदेश के उन कर्मचारियों के लिए एक नजीर है जो ऑफिस या स्कूल के समय में 'इन्फ्लुएंसर' बनने की राह पर चल पड़े हैं।
एसडीएम पांगी अमनदीप सिंह ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि उक्त शिक्षक को सरकार की नई गाइडलाइंस के तहत चेतावनी जारी कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षण संस्थानों में अनुशासन सर्वोपरि है और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में उक्त शिक्षक के खिलाफ दोबारा सोशल मीडिया से जुड़ी या ड्यूटी से गायब रहने की शिकायत मिलती है, तो विभाग की ओर से उनके खिलाफ विभागीय जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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