HRTC bus viral video Jogindernagar school boy || मंडी: देवभूमि के मंडी जिला अंतर्गत जोगिंदरनगर क्षेत्र से सुरक्षा व्यवस्था को तार-तार करता एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस HRTC बस में स्कूली बच्चे के सफर का दृश्य इतना डरावना है कि किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक छोटा बच्चा स्कूल बैग टांगे हुए बस नंबर HP-53-A-2085 के पिछले हिस्से में लगी सीढ़ी को पकड़कर लटक रहा है। बस एक संकरी और घुमावदार पहाड़ी सड़क पर दौड़ रही है और बच्चा पहली सीढ़ी पर पैर टिकाए हुए दूसरी सीढ़ी को हाथ से थामे जान जोखिम में डाल रहा है। यह वीडियो संभवतः पीछे चल रहे किसी बाइक सवार ने बनाया है, जो अब सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खोल रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जोगिंदरनगर के अड्डा प्रभारी विनोद कुमार ने पुष्टि की है कि यह HRTC बस में स्कूली बच्चे के सफर का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि यह बस जोगिंदरनगर-गलमाठा-पद्धर रूट पर संचालित होती है। हालांकि, अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि उक्त बस पिछले पांच दिनों से तकनीकी मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी है, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि वीडियो कुछ दिन पुराना हो सकता है। फिलहाल चालक और परिचालक को तलब किया गया है और उनसे इस घोर लापरवाही पर जवाब मांगा जा रहा है कि उनकी नजर इस बच्चे पर क्यों नहीं पड़ी।
https://x.com/i/status/2031611653545144410इस गंभीर मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने खुद इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा करते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अभिभावकों और बच्चों से अपील की है कि वे HRTC बस में स्कूली बच्चे के सफर जैसी खतरनाक गलतियां न करें, क्योंकि एक छोटी सी चूक जिंदगी भर का दर्द दे सकती है। जयराम ठाकुर ने परिवहन विभाग के कर्मचारियों को भी सचेत रहने की सलाह दी है। उन्होंने जोर दिया कि चालक-परिचालक की जिम्मेदारी केवल टिकट काटना नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
https://x.com/i/status/2031673171993374759सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर परिवहन विभाग ऐसे मामलों में इतनी ढील क्यों बरत रहा है? HRTC बस में स्कूली बच्चे के सफर का यह तरीका दर्शाता है कि पहाड़ी रास्तों पर निगरानी की कितनी कमी है। यदि किसी तीखे मोड़ पर बच्चे का हाथ छूट जाता, तो शायद परिणाम भयावह होते। बुद्धिजीवियों का मानना है कि केवल जांच बैठाना काफी नहीं है, बल्कि स्कूलों और बस अड्डों पर जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी मासूम अपनी जान इस तरह जोखिम में न डाले।
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